22 अक्टूबर 2026 |
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

पूर्व गृहमंत्री कंवर 'नजरबंद': कलेक्टर के खिलाफ धरना रोकने का लगाया आरोप

शेयर करें

OM Darpan

Oct 05, 2025 11:45 pm 419 views
पूर्व गृहमंत्री कंवर 'नजरबंद': कलेक्टर के खिलाफ धरना रोकने का लगाया आरोप
  • केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे के बीच पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने खुद को नजरबंद करने का आरोप लगाया

  • कोरबा कलेक्टर के तबादले की मांग को लेकर मुख्यमंत्री निवास पर धरना देने जा रहे थे कंवर

  • उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आरोपों को नकारा

  • पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

  • 82 वर्षीय वरिष्ठ आदिवासी नेता कंवर ने कलेक्टर पर संवैधानिक अधिकारों के दुरुपयोग समेत लगाए कई गंभीर आरोप लगाए

रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे के बीच राजधानी रायपुर में राजनीतिक गरमाहट बढ़ गई है। राज्य के पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकीराम कंवर ने अपनी ही सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कंवर ने दावा किया कि उन्हें एक सामाजिक भवन में नजरबंद कर दिया गया, जब वह कोरबा जिले के कलेक्टर को हटाए जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना देने जा रहे थे।

कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग पर अड़े कंवर

82 वर्षीय ननकीराम कंवर 2008 से 2013 के बीच डॉक्टर रमन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में गृह मंत्री रहे थे। वह कोरबा के रामपुर विधानसभा सीट से विधायक भी रह चुके हैं। पिछले कुछ समय से वह कोरबा के कलेक्टर अजीत वसंत के तबादले की मांग कर रहे हैं। कंवर ने कलेक्टर वसंत पर संवैधानिक अधिकारों का दुरुपयोग करने, लोगों के अधिकारों का हनन करने, जबरन किसी व्यक्ति विशेष का कब्जा हटवाने, लोगों का घर तुड़वाने और ठगी के आरोपियों को संरक्षण देने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि कलेक्टर को नहीं हटाया जाता है, तो वह मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना देंगे।

समर्थकों संग टाटीबंध में रोके गए

सूत्रों के अनुसार, ननकीराम कंवर शुक्रवार को रायपुर के टाटीबंध इलाके में स्थित एक सामाजिक भवन में अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे। शनिवार दोपहर जब वह वहां से धरना देने के लिए रवाना होने वाले थे, तभी जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद भवन के मुख्य दरवाजे पर ताला लगा दिया गया।

'लग रहा है मुझे गिरफ्तार कर लिया है'

इस घटना के बाद ननकीराम कंवर और उनके समर्थक बेहद नाराज हो गए। कंवर ने भवन के मुख्य द्वार के भीतर से ही संवाददाताओं से बात की। उन्होंने सरकार पर अधिकारी को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘मैं कलेक्टर के तबादले की मांग कर रहा हूं। इन लोगों (प्रशासन) ने मुझे जबरदस्ती रोक लिया है। लग रहा है कि इन लोगों ने मुझे गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन बताना नहीं चाह रहे हैं।’’ कंवर ने आगे दावा किया, ‘‘बिना मुआवजा दिए जिले के एक गांव के घरों को तोड़ दिया गया। क्या इस सरकार में कोई कायदा-कानून है। समस्या लेकर जाओ तब (कलेक्टर) कहते हैं कि आप क्यों आ जाते हैं लोगों को लेकर। क्या हम मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के पास जाएंगे। क्या उनको ऐसा बोलने का अधिकार है। मैं प्रदेश अध्यक्ष से बात करूंगा। तबादला नहीं करेंगे तो धरना आज नहीं तो कल कर लेंगे। मैं यहां से ताला तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश करूंगा।’’

सरकार का इनकार, विपक्ष का हमला

इस घटना के संबंध में पूछे जाने पर राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, जिनके पास गृह विभाग का भी प्रभार है, ने कंवर को नजरबंद करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि ‘‘नजरबंद जैसी बात हो ही नहीं सकती। ऐसे वरिष्ठ नेता के साथ ऐसा नहीं होता है। वह हमारे नेता हैं। जो उनका निर्देश होगा हम सब सुनेंगे, जो उचित होगा वह किया जाएगा।’’ वहीं, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। बघेल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘वाह! अमित शाह जी! वाह। जिस वक्त देश के गृहमंत्री बस्तर में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे हैं, ठीक उसी वक्त वरिष्ठ आदिवासी भाजपा नेता, पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर जी को रायपुर में “हाउस अरेस्ट” कर लिया गया है। यह दिखाता है कि भाजपा आदिवासियों की आवाज़ को दबाना चाहती है, चाहे वह फिर भाजपा के अंदर से ही क्यों न उठे। ‘प्रशासनिक दलाली’ के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने पर आदिवासी भाजपा नेताओं के साथ भाजपा सरकार का यह कृत्य निंदनीय है।
Tags

शेयर करें

विज्ञापन / Advertisement

Government Advertisement
261022205612137

विज्ञापन

Advertisement