23 अक्टूबर 2026 |
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निर्धारित दर से अधिक कीमत पर यूरिया बेचने वाले अन्नपूर्णा खाद भंडार पर गिरी गाज, सात दिनों के लिए दुकान सील

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OM Darpan

Aug 10, 2026 05:33 am 579 views
निर्धारित दर से अधिक कीमत पर यूरिया बेचने वाले अन्नपूर्णा खाद भंडार पर गिरी गाज, सात दिनों के लिए दुकान सील
 
  • कृषि विभाग की टीम ने पत्थलगांव में की बड़ी कार्रवाई, उर्वरक नियंत्रण आदेश के उल्लंघन पर थमाया नोटिस

✍️ विशेष संवाददाता जशपुर | जशपुर जिले में किसानों को रासायनिक उर्वरक निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा निरंतर निगरानी और औचक निरीक्षण की प्रक्रिया जारी है। इसी सिलसिले में, पत्थलगांव विकासखंड के अंतर्गत अन्नपूर्णा खाद भंडार द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर यूरिया बेचने की शिकायत प्राप्त हुई थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए कृषि विभाग पत्थलगांव की टीम ने संबंधित प्रतिष्ठान का निरीक्षण और सत्यापन किया। जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि अन्नपूर्णा खाद भंडार द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर यूरिया का विक्रय किया जा रहा था। कृषि विभाग ने इसे उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए कड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने त्वरित कदम उठाते हुए अन्नपूर्णा खाद भंडार को सात दिनों के लिए सील कर दिया है और संबंधित उर्वरक विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

उप संचालक कृषि ने स्पष्ट किया है कि पूरे जिले में रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण और बिक्री की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों को तय कीमत से अधिक पर खाद बेचना नियमों का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि वे निर्धारित मूल्य पर ही यूरिया खरीदें और खरीदारी की पक्की रसीद अवश्य प्राप्त करें। यदि कोई विक्रेता अनियमितता बरतता है, तो उसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें। इस कार्रवाई के दौरान अनुविभागीय कृषि अधिकारी पत्थलगांव आर.के. पैंकरा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री जीवन एक्का, कृषि विकास अधिकारी श्री मंत्री राम राठिया और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री कृष्ण कुमार चौधरी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि किसानों के हितों की रक्षा की जा सके।

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