बिहान से जुड़कर लखपति बनीं अंडी की रानू, सिलाई से लेकर हैचरी तक फैलाया कारोबार
OM Darpan
Sep 08, 2026 03:00 am
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08 Sep 2026
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के मरवाही विकासखंड की ग्राम पंचायत अंडी निवासी रानू कैवर्त ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के सहयोग से अपनी आर्थिक स्थिति बदल ली है। शिव गुरु महिला स्व-सहायता समूह की सचिव रानू अब सिलाई, किराना दुकान और मुर्गी पालन जैसे विभिन्न व्यवसायों से सालाना 2 से 3 लाख रुपये कमा रही हैं।
कभी सीमित आय में परिवार चलाने वाली रानू ने समूह से मिले मार्गदर्शन और आर्थिक मदद का सही इस्तेमाल किया। उन्होंने किसी एक काम पर निर्भर रहने के बजाय स्थानीय बाजार की मांग के अनुसार कई गतिविधियों को एक साथ शुरू किया, जिससे उनकी आय के स्रोत बढ़ गए।
सिलाई से लेकर हैचरी तक फैला कारोबार
रानू ने अपने घर में सिलाई कार्य और कपड़ों की दुकान के साथ-साथ किराना स्टोर भी खोला है। इसके अलावा उन्होंने बटेर पालन, देशी मुर्गी पालन और हैचरी जैसी गतिविधियों को भी अपनाया। इन अलग-अलग व्यवसायों के तालमेल से उन्होंने ग्रामीण संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया है। रानू के अनुसार, बिहान से मिली आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया। समूह की सामूहिक शक्ति और शासन के मार्गदर्शन से उन्होंने धीरे-धीरे आजीविका के इन साधनों को विकसित किया, जो अब उनके परिवार की मजबूती का आधार बन गए हैं।महतारी वंदन योजना से मिला संबल
रानू को महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाली राशि से भी घरेलू जरूरतों में मदद मिल रही है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय राज्य सरकार की योजनाओं और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन को दिया है। अब वे गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।जरूरी खबरें
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