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कामधेनु विश्वविद्यालय में डेयरी उद्यमिता प्रशिक्षण संपन्न: 46 किसानों को मिले प्रमाण-पत्र

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OM Darpan

May 16, 2026 10:49 pm 656 views
कामधेनु विश्वविद्यालय में डेयरी उद्यमिता प्रशिक्षण संपन्न: 46 किसानों को मिले प्रमाण-पत्र
  • विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने किसानों से की वैज्ञानिक पद्धति अपनाने की अपील

  • आधुनिक तकनीक से संवरेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

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दुर्ग (ओमदर्पण न्यूज़)।

दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, अंजोरा (दुर्ग) और छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में किसानों और पशुपालकों के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का 15 मई को सफलतापूर्वक समापन हो गया। “गाय/भैंस पालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास” विषय पर आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर 46 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अहिवारा विधायक और कामधेनु विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के सदस्य डोमनलाल कोर्सेवाड़ा उपस्थित रहे। अध्यक्षता निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. मनोज गेंदले ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में कुलसचिव डॉ. बी.पी. राठिया मौजूद रहे।

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वैज्ञानिक पद्धति से डेयरी व्यवसाय अपनाने की अपील

समापन समारोह को संबोधित करते हुए विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से डेयरी व्यवसाय अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सीखने की कड़ी जीवन भर चलती है। वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन कर छोटे और भूमिहीन किसान न केवल अधिक लाभ कमा सकते हैं, बल्कि ग्रामीण उद्यमी बनकर शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को ग्राम स्तर पर रोजगार भी उपलब्ध करा सकते हैं।

आधुनिक तकनीक दे रही पशुपालन को नई दिशा

कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. मनोज गेंदले ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वहीं, अधिष्ठाता डॉ. सुशांत पाल ने बताया कि प्रशिक्षण में किसानों को पशुपालन के आधुनिक तकनीकी पहलुओं और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी गई है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का सहयोग पशुपालन एवं उद्यमिता विकास को एक नई दिशा प्रदान कर रहा है।

संतुलित आहार से लेकर रोग प्रबंधन तक की दी गई जानकारी

प्रशिक्षण के आयोजक डॉ. रामचंद्र रामटेके ने बताया कि तीन दिनों तक चले इस शिविर में किसानों व पशुपालकों को गाय और भैंस पालन, पशुओं के लिए संतुलित आहार, रोग प्रबंधन, प्रजनन प्रबंधन तथा डेयरी उद्यमिता से संबंधित तकनीकी और व्यावहारिक जानकारियां विस्तार से दी गईं।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. दिलीप चौधरी सहित अनेक प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। मंच का सफल संचालन डॉ. दीप्ति किरण बरवा ने किया और अंत में सभी 46 प्रशिक्षणार्थियों को उनके सफल प्रशिक्षण के लिए प्रमाण-पत्र सौंपे गए।

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