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सुकमा में 11 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, पुलिस की रणनीति बनी सफलता की कुंजी

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OM Darpan

Dec 13, 2024 08:37 am 401 views
सुकमा में 11 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, पुलिस की रणनीति बनी सफलता की कुंजी

सुकमा (कौशल संदुजा)। जिला सुकमा के अंदरूनी क्षेत्रों में नक्सली संगठन के खिलाफ लगातार पुलिस की बढ़ती रणनीति और छत्तीसगढ़ शासन की नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति का असर दिखने लगा है। 12 दिसंबर 2024 को 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। यह आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ शासन की "छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति" और "नियद नेल्ला नार" योजना से प्रभावित होकर किया गया है। इन नक्सलियों ने पुलिस की बढ़ती दबाव, सुरक्षा कैम्पों की स्थापना और नक्सली विचारधारा से तंग आकर आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पित नक्सली थाना चिंतलनार और जगरगुण्डा क्षेत्र के निवासी हैं। इस प्रक्रिया में 74, 131, 150, 223 वाहिनी सीआरपीएफ, 201 वाहिनी कोबरा आसूचना शाखा के कार्मिकों और डीआरजी टीम की अहम भूमिका रही। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में शामिल हैं:
  1. जोगेन्द्र यादव (पेद्दाबोडकेल आरपीसी कृषि कमेटी अध्यक्ष, उम्र 55 वर्ष, तिम्मापुरम राउतपारा)
  2. हेमला देवा (पेद्दाबोडकेल आरपीसी जनसंपर्क कमेटी अध्यक्ष, उम्र 47 वर्ष, तिम्मापुरम सोड़ीपारा)
  3. माड़वी गंगा (पेद्दाबोडकेल आरपीसी मिलिशिया सदस्य, उम्र 23 वर्ष, तिम्मापुरम सिनेमपारा)
  4. मड़कम नंगा (पेद्दाबोडकेल आरपीसी संघम सदस्य, उम्र 20 वर्ष, तिम्मापुरम गोलापारा)
  5. मड़कम मुकेश (पेद्दाबोडकेल आरपीसी जीआरडी मिलिशिया सदस्य, उम्र 20 वर्ष, तिम्मापुरम सिनेमपारा)
  6. हेमला जोगा (पेद्दाबोडकेल आरपीसी डीएकेएमएस सदस्य, उम्र 25 वर्ष, तिम्मापुरम गायतापारा)
  7. बारसे लखमा (जीआरडी मिलिशिया सदस्य, उम्र 35 वर्ष, तिम्मापुरम)
  8. सोड़ी मुक्का (डीएकेएमएस सदस्य, उम्र 23 वर्ष, तिम्मापुरम गोलापारा)
  9. मड़कम हुंगा (पूर्ववर्ती आरपीसी भुमकाल मिलिशिया सदस्य, उम्र 40 वर्ष, पूवर्ती डब्बापारा)
  10. माड़वी पोज्जा (पेद्दाबोडकेल आरपीसी मिलिशिया सदस्य, उम्र 24 वर्ष, तिम्मापुरम गायतापारा)
  11. हेमला सुक्का (बासागुड़ा एलओएस सदस्य, उम्र 30 वर्ष, तिम्मापुरम पेद्दापारा)
इन नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित करने में 74, 131, 150, 223 वाहिनी सीआरपीएफ की आसूचना शाखाएं, नक्सल सेल की टीम और डीआरजी के कार्मिकों की विशेष भूमिका रही। आत्मसमर्पण के बाद इन सभी को छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति के तहत सहायता राशि और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।
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