23 अक्टूबर 2026 |
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वाराणसी में रफ्तार का कहर : आम से लदी बेकाबू डीसीएम ने पिता-पुत्र को रौंदा, बुजुर्ग की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर 3 घंटे तक लगा चक्काजाम

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OM Darpan

Jun 29, 2026 08:33 pm 369 views
वाराणसी में रफ्तार का कहर : आम से लदी बेकाबू डीसीएम ने पिता-पुत्र को रौंदा, बुजुर्ग की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर 3 घंटे तक लगा चक्काजाम
 

  • गिलट बाजार-बाबतपुर मार्ग पूरी तरह ठप

  • पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी की मांग

  वाराणसी। शिवपुर थाना क्षेत्र के सुद्धिपुर बाईपास पर सोमवार तड़के रफ्तार के जुनून ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। यहाँ आम से लदी एक तेज रफ्तार डीसीएम ने सड़क किनारे जा रहे पिता-पुत्र को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में 65 वर्षीय छेदी लाल प्रजापति उर्फ घुरे लाल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनका 35 वर्षीय बेटा काशी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर गिलट बाजार-बाबतपुर मार्ग जाम कर दिया, जिससे करीब तीन घंटे तक यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
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सड़क पर पड़ी मिट्टी बनी काल का कारण

स्थानीय चश्मदीदों के अनुसार, सुद्धिपुर चौराहे के पास एक निर्माणाधीन मकान के लिए मुख्य सड़क पर ही लापरवाही पूर्वक मिट्टी गिराई गई थी। सोमवार सुबह करीब चार बजे जब छेदी लाल प्रजापति अपने बेटे काशी के साथ कुल्हड़ की आपूर्ति करने निकले थे, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार डीसीएम उसी मिट्टी के ढेर पर चढ़कर अनियंत्रित हो गई और पलटते हुए पिता-पुत्र को अपनी चपेट में ले लिया। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। मृतक के भाई भैया लाल ने बताया कि छेदी लाल मिट्टी के कुल्हड़ बेचकर अपने 10 सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण करते थे। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चालक की तलाश और मामले की जांच कर रही है।
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तीन माह के भीतर परिवार पर टूटा दूसरा पहाड़

इस हृदयविदारक हादसे ने प्रजापति परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों ने सिसकते हुए बताया कि छेदी लाल के बड़े बेटे बनारसी की महज तीन महीने पहले ही ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। अभी परिवार उस दुख से उबर भी नहीं पाया था कि घर के मुखिया की मौत और दूसरे बेटे के गंभीर रूप से घायल होने से रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हादसे के बाद मृतक की पत्नी दुर्गावती, बहुएं रामवती और आरती समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घायल बेटे काशी का अस्पताल में उपचार जारी है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

अधिकारियों के आश्वासन के बाद खुला जाम

हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारी पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम नितिन सिंह, एसीपी अपूर्व पांडेय और एडीएम सिटी सहित कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों से लंबी वार्ता की और उन्हें शासन की ओर से मिलने वाली सभी वैधानिक सहायता व उचित मुआवजा दिलाने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद सुबह करीब 9:30 बजे जाम समाप्त हुआ और पुलिस ने डीसीएम को कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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