सिलिकॉन से सिस्टम तक की दिखेगी झलक, प्रधानमंत्री मोदी करेंगे सेमीकॉन इंडिया का शुभारंभ
OM Darpan
यशोभूमि में 17 से 19 सितंबर तक चलेगा आयोजन, 6 देशों के पवेलियन और 150 वक्ता होंगे शामिल
नई दिल्ली। भारत के प्रमुख सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सम्मेलन 'सेमीकॉन इंडिया 2026' का पांचवां संस्करण 17 से 19 सितंबर तक यशोभूमि (इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर) में आयोजित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को इस तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और वैश्विक उद्योग संघ 'एसईएमआई' द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में दुनिया भर की दिग्गज कंपनियां हिस्सा लेंगी। इसमें नीति निर्माता, निवेशक, शोधकर्ता और स्टार्टअप्स भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के भविष्य पर मंथन करेंगे। इस बार सम्मेलन का विषय 'सिलिकॉन से सिस्टम तक: इकोसिस्टम का निर्माण' रखा गया है। यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है।
15 हजार वर्ग मीटर में 600 प्रदर्शक
यशोभूमि में 15,000 वर्ग मीटर के क्षेत्र में 600 से अधिक प्रदर्शक जुटेंगे, जिनमें 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां शामिल हैं। कार्यक्रम में 150 से अधिक वक्ता अपने अनुभव साझा करेंगे। इसमें 6 देशों और 12 राज्यों के पवेलियन के साथ स्टार्टअप शोकेस और स्टूडेंट हैकाथॉन का आयोजन होगा।
40 स्टार्टअप और स्टूडेंट हैकाथॉन
प्रदर्शनी में एक समर्पित स्टार्टअप पवेलियन होगा जिसमें 40 स्टार्टअप अपने नवाचार प्रदर्शित करेंगे। वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन के जरिए माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में करियर के अवसरों की जानकारी दी जाएगी। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोन, आईबीएम रिसर्च और एएसएमएल जैसी दिग्गज कंपनियां इसमें शामिल होंगी।
2030 तक 103 अरब डॉलर की मांग
वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार 2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है। भारत में सेमीकंडक्टर की मांग 2030 तक 103 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। सरकार ने अब तक 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें से तीन में उत्पादन शुरू हो चुका है।
सेमीकंडक्टर 2.0 को मिली मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सेमीकंडक्टर 2.0 को मंजूरी दे दी है, जिसके छह स्तंभ इकोसिस्टम को गति देंगे। 400 से अधिक संस्थानों को डिजाइन टूल उपलब्ध कराए गए हैं। 24 स्टार्टअप को डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) योजना के तहत मंजूरी मिली है, जो भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने में मदद करेगी।
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