गरबा पंडाल में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर घमासान, Usha Thakur के बयान पर कांग्रेस ने मांगी माफी
OM Darpan
विधायक उषा ठाकुर ने जनसांख्यिकीय बदलाव का किया दावा, कांग्रेस ने मांगी माफी।ने, कांग्रेस ने की माफी की मांग
इंदौर/भोपाल। मध्यप्रदेश में नवरात्रि से पहले गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। इंदौर जिले की महू सीट से भाजपा विधायक उषा ठाकुर (Usha Thakur) ने आयोजनों में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगाने की मांग की है।
ठाकुर ने दावा किया कि हर साल बड़ी संख्या में लड़कियां गरबा आयोजनों के दौरान गैर-हिंदू पुरुषों के साथ चली जाती हैं। उन्होंने इसे देश में होने वाले जनसांख्यिकीय बदलाव से जोड़कर देखा है।
बिना आंकड़ों के किए गंभीर दावे
विधायक ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि कुछ लोग पहचान छिपाकर गरबा आयोजनों में शामिल होकर लड़कियों को भ्रमित करते हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे करीब नौ लाख बच्चों की दर से जनसांख्यिकीय बदलाव होता है।
हालांकि ठाकुर ने इन दावों के समर्थन में कोई आधिकारिक या वैज्ञानिक आंकड़ा पेश नहीं किया है। उन्होंने गरबा के व्यावसायीकरण पर भी आपत्ति जताते हुए इसे केवल शक्ति की आराधना का पर्व बताया।
विहिप ने आधार कार्ड जांचने की दी सलाह
विश्व हिंदू परिषद ने भी गरबा में गैर-हिंदुओं की एंट्री का मुद्दा उठाया है। संगठन ने आयोजकों को सलाह दी है कि पंडाल में केवल हिंदुओं को प्रवेश दें और पहचान के लिए आधार कार्ड जरूर देखें।
कांग्रेस ने लगाया अस्मिता पर प्रहार का आरोप
उषा ठाकुर के बयान पर कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नीलाभ शुक्ला ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण ऐसे आंकड़े पेश करना हिंदू महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाने जैसा है।
कांग्रेस ने इस बयान को महिलाओं की अस्मिता पर प्रहार बताते हुए भाजपा विधायक से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
भोपाल विधायक ने भी दी सलाह
भोपाल के हुजूर से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि मुस्लिम युवक गरबा में अकेले न आएं और अपनी बहनों व बेटियों को साथ लेकर आएं।
शर्मा की इस टिप्पणी पर भी विपक्षी दलों ने नाराजगी जाहिर की थी। प्रदेश में गरबा आयोजनों के नियमों को लेकर अब राजनीतिक बहस छिड़ गई है।
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