25 साल का निरंतर नेतृत्व: केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी बधाई, प्रस्ताव पारित
OM Darpan
गुजरात से लेकर केंद्र तक की असाधारण यात्रा का जश्न, दस प्रमुख विशेषताओं में विकास, सुरक्षा और वैश्विक प्रभाव का हुआ उल्लेख
नई दिल्ली:
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सरकार के मुखिया के तौर पर 25 वर्ष का निरंतर नेतृत्व पूरा करने पर बधाई देते हुए एक विशेष प्रस्ताव पारित किया है। यह प्रस्ताव राष्ट्र प्रथम और नागरिक प्रथम के सिद्धांत पर आधारित उनके अब तक के सफर को समर्पित है। गुजरात में तीन बार और लगातार तीन लोकसभा चुनावों में मिला प्रचंड जनादेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक है। प्रस्ताव में उनके नेतृत्व की दस प्रमुख विशेषताओं को विस्तार से रेखांकित किया गया है।
गुजरात का मॉडल बना राष्ट्रीय दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री ने गुजरात की सफल योजनाओं को राष्ट्रीय पटल पर उतारा। नागरिकों की शिकायतें सुनने वाली 'स्वागत' पहल ने ही राष्ट्रीय स्तर पर रुकी परियोजनाओं को गति देने वाली 'प्रगति' व्यवस्था को प्रेरित किया। कृषि क्षेत्र की ज्योतिग्राम योजना का अनुभव पूरे देश के लिए आधार बना।
गरीब कल्याण और सशक्तिकरण
जमीनी कठिनाइयों को समझते हुए जन धन के तहत 60 करोड़ खाते खोले गए, 4 करोड़ से ज्यादा घर बने और 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया। इसके साथ ही 3.5 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बनीं, नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू हुआ और पीएम-किसान के जरिए 4 लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों तक पहुंचाए गए।
आर्थिक सुधार और आत्मनिर्भर भारत
कड़े सुधारों के तहत जीएसटी लागू हुआ और औपनिवेशिक कानून बदले गए। बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए पूंजीगत व्यय 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 2 लाख करोड़ रुपये से छलांग लगाकर 13 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।
तकनीक और संकट प्रबंधन में दक्षता
आधार, जन धन और यूपीआई ने कल्याणकारी योजनाओं और भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया। स्वदेशी कोविड टीके का निर्माण हो या चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक लैंडिंग, भारत ने अपनी क्षमता दिखाई। कोरोना महामारी और पश्चिम एशिया संकट जैसे उथल-पुथल भरे समय में भी देश को ऊर्जा और आर्थिक मोर्चे पर सुरक्षित रखा गया।
मजबूत सुरक्षा, वैश्विक धाक और सांस्कृतिक गौरव
सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयरस्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर और अनुच्छेद 370 को हटाना कड़े रणनीतिक फैसलों की गवाही देते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 36 देशों से मिले सम्मान, वैक्सीन मैत्री और जी20 में अफ्रीकी संघ को शामिल कराना विश्व मंच पर भारत के बढ़ते दबदबे को दिखाता है। योग, मोटे अनाज, काशी विश्वनाथ धाम और रामलला की स्थापना के जरिए विरासत को सहेजते हुए 2047 तक विकसित भारत का संकल्प मजबूत किया गया है।
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