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बालको कर्मचारियों ने दिव्य ज्योति स्कूल में मनाया अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस

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OM Darpan

Dec 12, 2024 05:50 am 388 views
बालको कर्मचारियों ने दिव्य ज्योति स्कूल में मनाया अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस

बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने दिव्य ज्योति स्कूल में बच्चों के साथ अंतर्राष्ट्रीय विकलांग दिवस मनाया। इस अवसर पर कंपनी ने स्कूल में माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रबंधन जागरूकता को बढ़ावा देने और किशोरों को शिक्षित करने के लिए विभिन्न पहल आयोजित की। कार्यक्रम में 100 से अधिक दिव्यांग बच्चे और बालको कर्मचारी शामिल हुए।
बालको ने 'स्टिच माई ओन पैड' नामक एक विशेष कार्यक्रम भी संचालित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और माहवारी से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करना था। कंपनी द्वारा संचालित इस प्रशिक्षण में दिव्यांग किशोरियों को अपने स्वयं के पुन: प्रयोज्य कपड़े के पैड सिलने के लिए सशक्त किया गया। इस सत्र में माहवारी से जुड़ी चुनौतियों और भ्रांतियों पर भी चर्चा की गई, ताकि एक ऐसा सहायक वातावरण बनाया जा सके जो किशोरियों के आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रथाओं को बढ़ावा दे सके। दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने के लिए बालको ने माहवारी के बारे में शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए विशेष ब्रेल-आधारित शिक्षण मॉड्यूल भी पेश किए हैं। इस मॉड्यूल का उद्देश्य मूक, श्रवण और दृष्टि बाधित बच्चों को अपनी क्षमताओं पर विश्वास करने के लिए प्रोत्साहित करना था। इस कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने सांस्कृतिक प्रदर्शन किए और बालको कर्मचारियों ने बच्चों के साथ कहानियाँ साझा कीं, ताकि उन्हें प्रेरित किया जा सके और भविष्य में आगे बढ़ने के लिए उत्साहित किया जा सके।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने समावेशिता के महत्व पर जोर देते हुए कहा, "हम अपने कार्यस्थल और समुदाय में समावेशिता की संस्कृति बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम व्यक्तियों की अद्वितीय क्षमताओं का जश्न मनाकर और समान अवसर पैदा करके उन्हें सशक्त बनाने में विश्वास करते हैं।" श्री कुमार ने आगे कहा कि विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से वे बाधाओं को तोड़ने और सभी के लिए एक न्यायसंगत भविष्य बनाने की उम्मीद रखते हैं।
बालको के सहायक प्रबंधक श्री दीपम नाथ ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, "बालको में स्वयंसेवा करना हमेशा एक प्रेरणादायी अनुभव रहा है। दिव्य ज्योति स्कूल की मेरी यात्रा ने मुझे एक ऐसी दुनिया की झलक दिखाई, जहाँ शारीरिक चुनौतियाँ सीमाएं नहीं हैं। छात्रों द्वारा किया गया नृत्य प्रदर्शन उनके दृढ़ संकल्प और प्रतिभा को दर्शाता है। यह एक प्रेरक अनुभव है जो हमेशा मेरे साथ रहेगा।"
बालको अपनी प्रतिबद्धता को साबित करते हुए समावेशिता और विविधता को बढ़ावा देने के लिए कई पहल करता है। कंपनी संवेदीकरण कार्यशालाओं और प्रशिक्षणों के माध्यम से कार्यस्थल संस्कृति को बेहतर बनाती है, जो समझ और सम्मान पर आधारित है। बालको ने अब तक अपने यहां 18 ट्रांसजेंडर कर्मचारियों और 3 दिव्यांग कर्मचारियों को नियुक्त किया है।

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