कलाई की हड्डियां टूटीं तो आयुष्मान कार्ड बना सहारा, बलरामपुर के किसान का 56 हजार का मुफ्त ऑपरेशन
OM Darpan
जवाहरनगर निवासी अमृत कुमार मंडल घर के आंगन में फिसलकर हुए थे चोटिल, संजीवनी हॉस्पिटल में बिना पैसे दिए हुआ सफल ऑपरेशन
✍️ ओम दर्पण ब्यूरो
बलरामपुर। बलरामपुर जिले के एक छोटे किसान के लिए आयुष्मान कार्ड उस वक्त वरदान साबित हुआ, जब एक हादसे ने उनके सामने इलाज और आर्थिक संकट की दोहरी चुनौती खड़ी कर दी थी। ग्राम जवाहरनगर निवासी 32 वर्षीय अमृत कुमार मंडल अगस्त 2026 में अपने घर के आंगन में फिसलकर गिर गए थे, जिससे उनकी कलाई की कई हड्डियां टूट गई थीं। गंभीर चोट और ऑपरेशन के भारी खर्च के बीच आयुष्मान भारत योजना उनके लिए बड़ा सहारा बनी।
आंगन में फिसलने से हुआ था गंभीर फ्रैक्चर
हादसे के बाद अमृत कुमार को रामानुजगंज के संजीवनी हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद पुष्टि की कि कलाई की हड्डियां कई जगह से टूट चुकी हैं और तत्काल ऑपरेशन करना अनिवार्य है। लघु कृषक परिवार से ताल्लुक रखने वाले अमृत के लिए ऑपरेशन का मोटा खर्च जुटाना आसान नहीं था क्योंकि उनकी आजीविका छोटी जोत की खेती पर निर्भर है।
योजना से मिला 56 हजार का लाभ
मुश्किल समय में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना अमृत के काम आई। अस्पताल में उनके ऑपरेशन और पूरे उपचार पर 56 हजार 642 रुपये का खर्च आया, जिसे योजना के तहत कवर किया गया। परिवार को इलाज के लिए अपनी जेब से एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ा।
सफल ऑपरेशन के बाद अमृत कुमार अब स्वस्थ होकर अपने गांव लौट चुके हैं और सामान्य जीवन की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि अगर आयुष्मान कार्ड नहीं होता, तो परिवार पर कर्ज का भारी बोझ पड़ जाता। उन्होंने समय पर मुफ्त उपचार मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य सरकार के प्रति आभार जताया है।
अमृत कुमार की यह कहानी सेवा संकल्प अभियान की उस सफलता को दर्शाती है, जहां सरकारी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसे आर्थिक सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य की गारंटी दे रही हैं। एक कार्ड की मदद से न केवल किसान की चोट ठीक हुई, बल्कि उनका परिवार बड़ी वित्तीय परेशानी से भी बच गया।
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