प्रदेश के 63 शिक्षकों को मिला राज्यपाल पुरस्कार
OM Darpan
Sep 06, 2026 05:25 am
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06 Sep 2026
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राज्यपाल ने शिक्षकों को दी नसीहत, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के दौर में गुरु ही देंगे सही दिशा
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बस्तर के बच्चों को स्थानीय बोली में मिलेगी शिक्षा, ओरछा-जगरगुंडा में बनेगी एजुकेशन सिटी
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341 स्कूल बनेंगे पीएम श्री, 150 स्वामी विवेकानंद विद्यालयों की भी होगी शुरुआत
गूगल दे सकता है जानकारी, संस्कार गुरु से ही
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि युक्तियुक्तकरण के बाद अब प्रदेश में एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं बचा है। सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शिक्षा को संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ा जा रहा है। बस्तर अंचल में बच्चों को उनकी स्थानीय बोली में प्रारंभिक शिक्षा देने की पहल की गई है।बस्तर में होगी स्थानीय बोली में पढ़ाई
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 341 विद्यालयों का चयन पीएम श्री योजना के लिए किया गया है। साथ ही स्वामी विवेकानंद के नाम पर 150 नए विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं। दूरस्थ क्षेत्रों के लिए ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि प्रदेश में AI आधारित स्मार्ट स्कूल विकसित किए जा रहे हैं।चार शिक्षकों को मिला स्मृति पुरस्कार
समारोह में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के राजेश कुमार प्रजापति को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार, कोरबा के कामता प्रसाद जायसवाल को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार, दुर्ग की प्रज्ञा सिंह को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार और सारंगढ़-बिलाईगढ़ की प्रियंका गोस्वामी को श्री गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार से नवाजा गया।"AI हमारा सहायक बने, हमारा नियंत्रक नहीं। तकनीक जानकारी दे सकती है, लेकिन संस्कार गुरु से ही मिलते हैं।"
रमेन डेका, राज्यपाल
"युक्तियुक्तकरण के बाद प्रदेश में अब एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है। हम शिक्षा को कौशल और रोजगार से जोड़ रहे हैं।"
विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
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