57 हजार शिक्षक भर्ती पर विक्की मिश्रा ने सरकार को घेरा, बोले- वादा रद्दी की टोकरी में
OM Darpan
पूर्व जनपद सभापति ने शिक्षकों की कमी, युक्तियुक्तकरण, स्वामी आत्मानंद स्कूल और टीईटी को लेकर उठाए सवाल
दुर्ग। ओम दर्पण - दुर्ग जनपद पंचायत के पूर्व सभापति विक्की मिश्रा ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर साय सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान किया गया 57 हजार शिक्षक भर्ती का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है और शिक्षकों की कमी का असर सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर पड़ रहा है।
मिश्रा ने कहा कि भाजपा ने चुनाव में 57 हजार शिक्षकों की भर्ती का वादा किया था। शिक्षा मंत्री रहते बृजमोहन अग्रवाल ने पहली कैबिनेट में 33 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया था, लेकिन तीन साल पूरे होने को हैं और अब तक भर्ती नहीं हुई। उन्होंने इसे युवाओं के साथ धोखा बताया।
शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय स्कूलों पर उठाए सवाल
विक्की मिश्रा ने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण हजारों स्कूल एकल शिक्षकीय और सैकड़ों स्कूल शिक्षकविहीन हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह भर्ती नहीं की जा रही है, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि शासकीय स्कूलों को बंद करने की साजिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवाओं को शिक्षक भर्ती के सपने दिखाए गए, लेकिन भर्ती नहीं होने से उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ हुआ है।
युक्तियुक्तकरण से ग्रामीण स्कूलों का सेटअप बिगड़ने का आरोप
मिश्रा ने युक्तियुक्तकरण योजना को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इस योजना के कारण ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों का सेटअप बिगड़ा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान स्वामी आत्मानंद स्कूल मेरिट में थे, जबकि अब सुविधाओं में कटौती की जा रही है। मिश्रा ने इसे गरीब बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया।
टीईटी को लेकर भी जताई नाराजगी
पूर्व जनपद सभापति ने बीएड-डीएड कर सेवा दे रहे शिक्षकों से जुड़े टीईटी के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि टीईटी के नाम पर शिक्षकों को परेशान किया जा रहा है, जिससे शिक्षक तनाव में हैं और शिक्षा का स्तर गिर रहा है।
मिश्रा ने आरोप लगाया कि सरकार निजी संस्थाओं को बढ़ावा देकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को शिक्षा से दूर रखने की साजिश कर रही है।
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